BJP ki ek Tarfa Jeet RLD ko le Dubi

मोदी की आंधी में दफ्न हो गयी देश की यह "पुरानी" पार्टी !!
इस पार्टी के संस्थापक कभी देश के प्रधानमंत्री पद पर रहे। किसानों के बड़े नेता के तौर पर उभरे। एक दौर ऐसा भी आया कि इनके बिना हस्तक्षेप के केंद्र में सरकार बननी मुश्किल हो गयी थी।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री रहे, उपप्रधानमंत्री का पद सम्भालते हुए प्रधानमंत्री बने चौधरी चरण सिंह, सिर्फ एक नाम, एक राजनीतिज्ञ, एक किसान नेता नही बल्कि विचारधारा के तौर पर उभरे। लेकिन उनके राजनीतिक विरासत को उनके बेटे आगे ले जाने में नाकाम रहे। आज इस चुनावी नतीजे को देखते हुए साफ कहा जा सकता है कि ये वो दौर है जब राष्ट्रीय लोक दल विलुप्त होने के कगार पर है।
रालोद की स्थिति थी कि ओहले 2 संसद थे, फिर 2014 में अजित और जयंत भी चुनाव हार गए। 2019 के बंटवारे में गठबंधन में जगह मिली और बहित जूझने के बाद स्थानीय पार्टी सपा-बसपा ने रालोद को सिर्फ 2 सीटें दी।2 सीट जीवित रहने के लिए मिल तो गयी लेकिन फिर भी अजीत सिंह और जयंत सिंह अपनी साख नहीं बचा पाए और इसी तरह रालोद जैसी पार्टी का अंत नजर आ रहा है.

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